Friday, August 27, 2010

आओ ख्वाब बुने

आओ ख्वाब बुने
क्यों की ख्वाब हकीकत बनते है
और हकीकत है के हकीकत से अफसाने बनते है
अफसाने कुछ ऐसे बुनो
के इतिहास बनादो
और इतिहास की बुनियाद पर
भविष्य की तकदीर बनादो
तकदीर भी लेकिन मेहनत से बनती है
और मेहनत से ही सृस्ठी की गाड़ी सरकती है
गाड़ी जो जीवन की तुम्हे
है मंजिल तक पहुंचानी
तो आओ ख्वाब बुने
क्यों की ख्वाब हकीकत बनते है !

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